पटना:बिहार में बिजली से जुड़ी परेशानियों से जूझ रहे उपभोक्ताओं के लिए राहत की नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। राज्य सरकार ने तय किया है कि अब उपभोक्ताओं को छोटी-बड़ी शिकायतों के लिए बार-बार बिजली कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ऊर्जा विभाग ने सप्ताह में दो दिन निर्धारित कर दिए हैं, जब संबंधित अधिकारी अनिवार्य रूप से कार्यालय में मौजूद रहकर आम लोगों की समस्याएं सुनेंगे और उनका समाधान करेंगे।
यह पहल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के अंतर्गत सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान – जीवन आसान’ को धरातल पर उतारने की दिशा में की गई है। इसी क्रम में ऊर्जा विभाग के सचिव सह बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह ने सभी आपूर्ति अंचल कार्यालयों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की।
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि राज्य के सभी बिजली आपूर्ति अंचल कार्यालयों में प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। इन दोनों दिनों में उपभोक्ता अपनी बिजली से संबंधित समस्याएं—जैसे बिलिंग, कनेक्शन, वोल्टेज, ट्रांसफॉर्मर, मीटर या आपूर्ति बाधित होने से जुड़ी शिकायतें—सीधे अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे।
ऊर्जा विभाग के अनुसार, सोमवार को दोपहर 12:30 बजे से 2:00 बजे तक और शुक्रवार को दोपहर 3:00 बजे से 4:30 बजे तक शिकायतों की सुनवाई की जाएगी। यह नई व्यवस्था 19 जनवरी 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी होगी।
ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उपभोक्ताओं से सम्मानपूर्वक व्यवहार करें और शिकायतों के समाधान में संवेदनशीलता दिखाएं। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यालयों में आने वाले उपभोक्ताओं के लिए बैठने की उचित व्यवस्था, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। प्रत्येक शिकायत का विधिवत पंजीकरण कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
इसके अलावा औद्योगिक एवं उच्च क्षमता वाले बिजली उपभोक्ताओं के लिए भी व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब HT और LTIS उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए गुरुवार की बजाय हर शुक्रवार को विद्युत भवन, पटना में ओपन हाउस मीटिंग आयोजित की जाएगी। यह बैठक भी दोपहर 3:00 बजे से 4:30 बजे तक होगी, जिसमें ऊर्जा विभाग के सचिव, साउथ और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सहित सभी वरीय अधिकारी मौजूद रहेंगे।
ऊर्जा विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल आम उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान होगा, बल्कि उद्योगों और निवेशकों को भी बिजली से जुड़ी दिक्कतों के लिए स्पष्ट और प्रभावी मंच मिलेगा। प्रशासनिक स्तर पर सीधे संवाद की यह पहल बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।